
कटनी, रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP. 
असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक पर्व दशहरा कटनी जिले के रीठी तहसील मुख्यालय में रविवार को बड़े ही हर्षोल्लास, धूमधाम व भक्तिभाव के साथ उत्सवी माहौल में मनाया गया। नगर के एतिहासिक दशहरा चल समारोह में भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा और सभी ने ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे व डीजे के साथ मां जगदम्बा को नम आंखों से बिदाई दी और कल्याण की कामना की। रात्रि नौ बजे प्रारंभ हुआ दशहरा चल समारोह करीब छह घंटे बाद रात्रि तीन बजे विसर्जन घाट पहुंचा जहां सुबह पांच बजे तक विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। वहीं गोल बाजार परिसर में चल रहे रामलीला में परंपरानुसार रावण के पुतले का दहन किया गया। 
11 प्रतिमाएं हुईं चल समारोह में शामिल
रीठी नगर के एतिहासिक दशहरा चल समारोह में नगर में स्थापित की गई मातारानी की लगभग ग्यारह प्रतिमाएं शामिल हुईं। जिसमें खेर माई दुर्गोत्सव समिति, गल्ला मंडी दुर्गोत्सव समिति, गोल बाजार दुर्गा पूजा समिति, बस स्टैंड दुर्गोत्सव समिति, पटेल मोहल्ला, आजाद चौक, चौधरी मोहल्ला, रेलवे स्टेशन, हाई स्कूल के समीप शिव नगर, राय दूध डेयरी, सिंघैया मोहल्ला की भव्य झांकियां चल समारोह में शामिल हुईं।
निकलीं खप्पर वाली महाकाली
दशहरा चल समारोह के एक दिन पूर्व शनिवार को रीठी में भव्य जवारा विसर्जन जुलूस निकाला गया। बताया गया कि शारदेय नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर नगर के साहू मोहल्ला में स्थित बड़े दिवाले में परंपरानुसार बड़ी संख्या में जवारा बोए गए थे। जिनका भव्य विसर्जन जुलूस शनिवार को निकाला गया। जवारा जुलूस में खप्पर की आग के साथ भक्तों के बीच नृत्य करती मां काली विषेश आकर्षण का केंद्र रहीं।
नाकाम रहीं प्रशासनिक व्यवस्था
देखा गया कि रीठी नगर के एतिहासिक दशहरा चल समारोह में स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई सारी व्यवस्थाएं नाकाम रहीं। प्रशासन के संरक्षण में पूरी रात शराब की बिक्री हुई और जुलूस में शराबखोरी भी जमकर हुई। जहां दशहरा देखने आए एक व्यक्ति की हत्या तक हो गई तो वहीं लोगों के बीच जमकर विवाद भी हुए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था व थाने में आयोजित होने वाली शांति समिति की बैठक का भी लोगों में कोई प्रभाव नहीं दिखा।






